उत्तर प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत चार वर्षीय बी.ए. हिंदी पाठ्यक्रम 2021-2022

PROGRAMME SPECIFIC OUTCOMES

बी. ए. प्रथम वर्ष प्रथम सेमेस्टर के ‘हिंदी काव्य’ प्रश्नपत्र के अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा में हिंदी साहित्य के विभिन्न कालों के प्रतिनिधि कवियों की कविताओं के विषय में जानकारी देना तथा हिंदी काव्य के इतिहास की संक्षिप्त जानकारी देकर विद्यार्थियों को हिंदी कविता के विकास क्रम से अवगत कराना।

बी. ए. प्रथम वर्ष द्वितीय सेमेस्टर के ‘कार्यालयी हिंदी और कम्प्यूटर’ प्रश्नपत्र के अंतर्गत हिंदी के विद्यार्थियों को कार्यालय के कार्यों की मूलभूत जानकारी प्रदान करना ताकि वे कार्यालय के समस्त कार्यों को सुगमतापूर्वक कर सकें एवं उन्हें कम्प्यूटर का मूलभूत ज्ञान देकर कम्प्यूटर पर हिंदी में कार्य करने में सक्षम बनाना ताकि वे समुचित रोज़गार प्राप्त कर सकें।

बी. ए. द्वितीय वर्ष तृतीय सेमेस्टर के ‘हिंदी गद्य’ प्रश्नपत्र के अंतर्गत विद्यार्थियों को हिंदी गद्य की सभी विधाओं का सम्यक ज्ञान देना तथा उन्हें हिंदी के प्रतिनिधि उपन्यासकारों, कथाकारों, नाटककारों, एकांकीकारों, निबंधकारों एवं अन्य गद्य विधाओं के लेखकों के महत्त्वपूर्ण प्रदेय से परिचित कराना, ताकि विद्यार्थी इन सभी विधाओं से परिचित हो सकें और इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थी को इस हेतु तैयार करना ।

बी. ए. द्वितीय वर्ष चतुर्थ सेमेस्टर के ‘हिंदी अनुवाद’ प्रश्नपत्र के अंतर्गत विद्यार्थियों को हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी की प्रारंभिक जानकारी प्रदान करते हुए उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करने में सक्षम बनाना तथा भारतीय संस्कृति और साहित्य के वैश्विक प्रचार प्रसार में सहायक बनाना और इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थी को इस हेतु तैयार करना।

बी.ए. तृतीय वर्ष पंचम सेमेस्टर सेमेस्टर के प्रथम प्रश्नपत्र ‘साहित्यशास्त्र और हिंदी आलोचना’ के अंतर्गत विद्यार्थी को साहित्यशास्त्र एवं आलोचना के अर्थ, महत्व और विषय क्षेत्र से परिचित कराना तथा उन्हें हिंदी आलोचना के रूप में भारतीय एवं पाश्चात्य काव्यशास्त्र के आधुनिक विकास के विविध रूपों और दिशाओं का साक्षात्कार कराना |

बी.ए. तृतीय वर्ष पंचम सेमेस्टर सेमेस्टर के द्वितीय प्रश्नपत्र ‘हिंदी का राष्ट्रीय काव्य’ के अंतर्गत हिंदी साहित्य एवं सिनेमा की राष्ट्रीय काव्य चेतना से जुड़े कवियों की रचनाओं के माध्यम से विद्यार्थियों में राष्ट्र के प्रति अनुराग जाग्रत करना और उन्हें भारतीय संस्कृति की विशिष्टता और महानता के विविध पक्षों से अवगत कराना और इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थी को इस हेतु तैयार करना।

बी. ए. तृतीय वर्ष षष्ठ सेमेस्टर सेमेस्टर के प्रथम प्रश्नपत्र ‘भाषा विज्ञान, हिंदी भाषा तथा देवनागरी लिपि’ के अंतर्गत विद्यार्थियों को भाषा के अंगों, हिंदी भाषा के उद्भव तथा विकास और देवनागरी लिपि के स्वरूप की जानकारी कराना एवं उन्हें हिंदी की वैज्ञानिक एवं संवैधानिक स्थिति से परिचित कराना।

बी. ए. तृतीय वर्ष षष्ठ सेमेस्टर सेमेस्टर के द्वितीय प्रश्नपत्र ‘लोक साहित्य एवं लोक संस्कृति के अंतर्गत भारतीय संस्कृति में जनश्रुति से निर्मित साहित्य के महत्वपूर्ण योगदान से विद्यार्थियों को परिचित कराना तथा लोक संस्कृति के विकास क्रम से विद्यार्थियों को अवगत कराना।

बीए प्रथम वर्ष: प्रथम सत्र

हिंदी काव्य (कोड: A010101T)

Course outcomes:

हिंदी काव्य के प्रतिनिधि कवियों की कविताओं के विषय में जानकारी देना तथा हिंदी काव्य के संक्षिप्त इतिहास की जानकारी देकर विद्यार्थियों को हिंदी कविता के विकास क्रम से अवगत कराना ।

भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत आदिकालीन एवं मध्यकालीन हिंदी काव्य का इतिहास : इतिहास लेखन की परंपरा एवं विकास:

भारतीय ज्ञान परंपरा और हिंदी साहित्य, हिंदी साहित्य का काल विभाजन, नामकरण एवं साहित्यिक प्रवृत्तियाँ । सिद्ध साहित्य, जैन साहित्य, रासो साहित्य, नाथ साहित्य और लौकिक साहित्य| भक्ति आंदोलन के उदय के सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारण,भक्तिकाल के प्रमुख संप्रदाय और उनका वैचारिक आधार, निर्गुण और सगुण कवि और उनका काव्य । रीति काल की सामाजिक, सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, नामकरण, प्रवृत्तियाँ एवं परिप्रेक्ष्य । रीतिकालीन साहित्य के प्रमुख भेद (रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध, रीति मुक्त, प्रमुख कवि और उनका काव्य) ।

आधुनिक कालीन काव्य का इतिहास :

सामाजिक, सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, नामकरण एवं प्रवृत्तियाँ, 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम और पुनर्जागरण, हिंदी नवजागरण, भारतेंदु युग, द्विवेदी युग एवं छायावाद की प्रवृत्तियाँ एवं अवदान । उत्तर छायावाद की विविध वैचारिक प्रवृत्तियाँ, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नई कविता, समकालीन कविता, एवं उनकी रचनाएँ और साहित्यिक विशेषताएँ। प्रमुख कवि

आदिकालीन कवि :

विद्यापति :

(विद्यापति पदावली – संपा. : आचार्य रामलोचन शरण)

क. राधा की वंदना, ख. श्रीकृष्ण प्रेम (35), ग. राधा प्रेम – ( 36 )

गोरखनाथ :

(गोरखबानी : संपादक पीताम्बरदत्त बड़थ्वाल गोरखबानी सबदी (संख्या 2,4,7,8,16), पद (राग रामश्री 10, 11)

अमीर खुसरो :

(अमीर खुसरो – व्यक्तित्व एवं कृतित्व : डॉ. परमानन्द पांचाल) कव्वाली – घ (1), गीत-ड़ (4), (13), दोहे – च (पृष्ठ 86 ), 05 दोहे – गोरी सोवे,खुसरो रैन,देख मैं, चकवा चकवी, सेज सूनी|

भक्तिकालीन निर्गुण कवि :

कबीर :

(कबीरदास – संपा. श्यामसुंदर दास)

क. गुरुदेव को अंग -01, 06, 11, 17, 20 ख – बिरह कौ अंग – 04, 10, 12, 20, 33

मलिक मोहम्मद जायसी :

(मलिक मोहम्मद जायसी – संपा. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल)

मानसरोदक खंड (01 से 06 पद तक)

भक्तिकालीन सगुण कवि :

सूरदास :

(भ्रमरगीत सार-संपा. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल)

(पद संख्या 07, 21, 23, 24, 26)

गोस्वामी तुलसीदास :

(श्रीरामचरित मानस-गोस्वामी तुलसीदास, गीता प्रेस गोरखपुर)

अयोध्या काण्ड-दोहा संख्या 28 से 41

रीतिकालीन कवि:

केशवदास :

(कविप्रिया ( प्रिया प्रकाश ) – लाला भगवानदीन)

तृतीय प्रभाव – 1, 2, 4, 5

बिहारीलाल :

(बिहारी रत्नाकर – जगन्नाथ दास रत्नाकर)

प्रारंभ के 10 दोहे

घनानंद :

(घनानंद ग्रन्थावली-संपा., विश्वनाथ प्रसाद मिश्र) सुजानहित- 1, 4, 7

आधुनिककालीन कवि :

भारतेंदु हरिश्चंद्र : मातृभाषा प्रेम पर दोहे, रोकहूँ जो तो अमंगल होय, ब्रज के लता पता मोहि कीजे

जयशंकर प्रसाद : कामायनी के श्रद्धा सर्ग के प्रथम दस पद, आंसू के प्रथम पांच पद

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ : वर दे वीणा वादिनि वर दे, तुलसीदास (प्रारंभ के दस पद), वह तोड़ती पत्थर

सुमित्रानंदन पन्त : मौन निमंत्रण, प्रथम रश्मि, यह धरती कितना देती है

महादेवी वर्मा : बीन हूँ मैं तुम्हारी रागिनी भी हूँ, फिर विकल हैं प्राण मेरे, यह मन्दिर का दीप इसे नीरव जलने दो

छायावादोत्तर कवि और हिंदी साहित्य में शोध :

अज्ञेय : नदी के द्वीप, नया कवि : आत्म स्वीकार, नंदा देवी – 6 (नंदा बीस तीस- एक मरु दीप)

नागार्जुन : अकाल और उसके बाद, बादल को घिरते देखा है

धर्मवीर भारती : बोआई का गीत, कविता की मौत (दूसरा सप्तक, सम्पादक अज्ञेय)

शमशेर : 1 बात बोलेगी हम नहीं, भेद खोलेगी बात ही 2 काल तुझसे होड़ है मेरी (कविता)

दुष्यंत: 1 हो गयी है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए,

2 तो तय था चिरागा हर एक घर के लिए।

सन्दर्भ ग्रन्थः

1. डॉ. नगेंद्र, (संपा.), हिंदी साहित्य का इतिहास, नेशनल पब्लिशिंग हाउस, नई दिल्ली, 1976

2. बच्चन सिंह, हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास, राधाकृष्ण प्रकाशन, नई दिल्ली, 1996 3. शुक्ल, रामचंद्र, हिंदी साहित्य का इतिहास, लोक भारती प्रकाशन, इलाहाबाद, 2019

4. तिवारी, रामचंद्र, हिंदी गद्य का इतिहास, विश्वविद्यालय प्रकाशन, वाराणसी, 1992

5. चतुर्वेदी, रामस्वरूप, हिंदी साहित्य और संवेदना का विकास, लोकभारती प्रकाशन, इलाहाबाद, 2019 6. सिंह, नामवरआधुनिक साहित्य की प्रवृत्तियाँ, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली, 2011

7. ओझा, डॉ. दुर्गाप्रसाद एवं राय डॉ. अनिल, छायावादोत्तर काव्य प्रतिनिधि रचनाएं, प्रकाशन केंद्र, लखनऊ,

2014

8. ओझा, डॉ. दुर्गाप्रसाद, आधुनिक हिंदी कविता, प्रकाशन केंद्र, लखनऊ, 2011

9. ओझा, डॉ. दुर्गाप्रसाद एवं कुमार, डॉ. राजेश, आधुनिक काव्य प्रतिनिधि रचनाएँ, प्रकाशन केंद्र, लखनऊ, 2014

10. द्विवेदी, हजारी प्रसाद, हिंदी साहित्य का आदिकाल, बिहार राष्ट्रभाषा परिषद, पटना, 1961, तृतीय संस्करण

11.भटनागर, डॉ. रामरतन, प्राचीन हिंदी काव्य, इंडियन प्रेस लिमिटेड, प्रयाग, 1952

12.द्विवेदी, हजारी प्रसाद, हिंदी साहित्य की भूमिका, हिंदी ग्रन्थ रत्नाकर कार्यालय, मुम्बई, 1940

13. श्रीवास्तव, डॉ. रणधीर, विद्यापति : एक अध्ययन, भारतीय ग्रन्थ निकेतन, नयी दिल्ली, 1991

14.सिंह, डॉ. शिवप्रसाद, विद्यापति, हिंदी प्रचारक पुस्तकालय, वाराणसी, 1957

15.वर्मा, रामकुमार, संत कबीर, साहित्य भवन लिमिटेड, इलाहाबाद, 1943

16. द्विवेदी, हजारी प्रसाद, कबीर, हिंदी ग्रन्थ रत्नाकर कार्यालय, मुम्बई, 1946

17. वर्मा रामकुमार, कबीर का रहस्यवाद, साहित्य भवन, इलाहाबाद, 1941

18. वर्मा, रामलाल, जायसी: व्यक्तित्व एवं कृतित्व, भारतीय ग्रंथ निकेतन, दिल्ली 1979

19. पाठक, शिवसहाय, मलिक मोहम्मद जायसी और उनका काव्य, साहित्य भवन, इलाहाबाद

20. शर्मा मुंशीराम, सूरदास का काव्य वैभव, ग्रन्थम प्रकाशन, कानपुर, 1965

21. किशोरीलाल, सूर और उनका भ्रमरगीत, अभिव्यक्ति प्रकाशन, इलाहाबाद, 1993

22. वाजपेयी नन्ददुलारे, सूर संदर्भ, इंडियन प्रेस लिमिटेड, प्रयाग

23.त्रिपाठी रामनरेश, तुलसीदास और उनकी कविता ( भाग -1), हिंदी मंदिर, प्रयाग, 1937

24. दीक्षित राजपति, तुलसीदास और उनका युग, ज्ञानमंडल लिमिटेड, वाराणसी, 1953

25.सिन्हा डॉ. अरविन्द नारायण, विद्यापति : युग और साहित्य, विनोद पुस्तक मन्दिर, आगरा

26. डॉ. नगेन्द्र, हिंदी साहित्य का इतिहास, नेशनल पब्लिशिंग हाउस, दिल्ली

27.चतुर्वेदी रामस्वरूप, हिंदी साहित्य और संवेदना का विकास, राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली

28. त्रिगुणायत गोविन्द, कबीर की विचारधारा, साहित्य निकेतन, कानपुर

29.उपाध्याय विशम्भर नाथ,सूर का भ्रमरगीत : एक अन्वेषण, विनोद पुस्तक मन्दिर, आगरा

30. किशोरीलाल, घनानन्द : काव्य और आलोचना, साहित्य भवन, इलाहाबाद

31.भटनागर रामरतन, केशवदास : एक अध्ययन, किताब महल, इलाहाबाद, 1947

32.शर्मा किरणचन्द्र, केशवदास : जीवनी, कला और कृतित्व, भारती साहित्य मन्दिर, दिल्ली, 1961

33. डॉ. नगेन्द्र, कामायनी के अध्ययन की समस्याएँ, नेशनल पब्लिशिंग हाउस, नयी दिल्ली, 1962

34. शर्मा, रामविलास, निराला की साहित्य साधना, भाग-2, राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली, 1981, द्वितीय

संस्करण

35.गौड़, राजेंद्र सिंह, आधुनिक कवियों की काव्य साधना, श्रीराम मेहता एंड संस, आगरा, 1953

36. सक्सेना, द्वारिका प्रसाद, हिंदी के आधुनिक प्रतिनिधि कवि, विनोद पुस्तक मन्दिर, आगरा

37. कुमार विमल, छायावाद का सौन्दर्यशास्त्रीय अध्ययन, राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली,

38. तिवारी, भोलानाथ, प्रसाद की कविता, साहित्य भवन, प्रयागराज

39. डॉ. नगेन्द्र, सुमित्रानंदन पन्त, नेशनल पब्लिशिंग हाउस, नयी दिल्ली, 1962

40. शर्मा, रमेश, पन्त की काव्य साधना, साहित्य निकेतन, कानपुर

41. तिवारी, विश्वनाथ प्रसाद, समकालीन हिंदी कविता, राधाकृष्ण प्रकाशन, नयी दिल्ली

42.चतुर्वेदी, रामस्वरूप, अज्ञेय का रचना संसार, राधाकृष्ण प्रकाशन, नयी दिल्ली

43.सिंह, विजयबहादुर, नागार्जुन का रचना संसार, सम्भावना प्रकाशन, हापुड़, 1982

44. अष्टेकर, कटघरे का कवि धूमिल, पंचशील प्रकाशन, जयपुर

45. नवल, नंदकिशोर, मुक्तिबोध, साहित्य अकादेमी, नयी दिल्ली

46. त्रिपाठी, डॉ. हंसराज, आत्मसंघर्ष की कविता मुक्तिबोध, मानस प्रकाशन, प्रतापगढ़

47. सिंह, शम्भूनाथ, छायावाद युग, सरस्वती मन्दिर प्रकाशन, वाराणसी, 1962

48. अज्ञेय, दूसरा सप्तक, प्रगति प्रकाशन, नयी दिल्ली, प्रतीक प्रकाशन माला, 1951

49.सिंह, डॉ, उदयप्रताप, नाथ पंथ और गोरखबानी, आर्यावर्त्त संस्कृति संस्थान, दिल्ली, 2001

50. डॉ. प्रेमशंकर, प्रसाद का काव्य

51. डॉ. रामविलास शर्मा, निराला की साहित्य साधना, भाग 1, 2, 3, 4