एनटीए यूजीसी नेट हिंदी साहित्य का पाठ्यक्रम एवं उनसे संबधित सामग्री

यहाँ एनटीए द्वारा आयोजित राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) में हिंदी साहित्य विषय का सम्पूर्ण पाठ्यक्रम, उनमें शामिल रचनाएँ एवं संबधित महत्वपूर्ण सामग्री एक जगह प्राप्त कर सकते हैं। सम्पूर्ण पाठ्यक्रम को मूल रूप में ही रखा गया है। पाठ्यक्रम में शामिल विषय एवं रचनाओं पर क्लिक करने पर आप उसकी पीडीएफ डाउनलोड कर सकते हैं साथ ही उसे पढ़ सकते हैं। सामग्री का संकलन विभिन्न मंचों के माध्यम से किया गया है।

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विषय – हिन्दी

पाठ्यक्रम

इकाई -1

हिन्दी भाषा और उसका विकास।

हिन्दी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि : प्राचीन भारतीय आर्य भाषाएं, मध्यकालीन भारतीय आर्य भाषाएं– पालि, प्राकृत –शौरसेनी, अर्द्धमागधी, मागधी, अपश्रंश और उनकी विशेषताएं, अपश्रंश अवहठ, और पुरानी हिन्दी का संबंध, आधुनिक भारतीय आर्य भाषाएं और उनका वर्गीकरण।

हिन्दी का भौगोलिक विस्तार : हिन्दी की उपभाषाएं, पश्चिमी हिन्दी, पूर्वी हिन्दी, राजस्थानी, बिहारी तथा पहाड़ी वर्ग और उनकी बोलियां। खड़ीबोली, ब्रज और अवधी की विशेषताएं।

हिन्दी के विविध रूप : हिन्दी, उर्दू, दक्खिनी, हिन्दुस्तानी। हिन्दी का भाषिक स्वरूप : हिन्दी की स्वनिम व्यवस्था – खंड्य और खंड्येतर, हिन्दी ध्वनियों के वर्गीकरण का आधार, हिन्दी शब्द रचना -उपसर्ग, प्रत्यय, समास,

हिन्दी की रूप रचना लिंग, वचन और कारक व्यवस्था के सन्दर्भ में संज्ञा, सर्वगाम, विशेषण और क्रिया रुप, हिन्दी – वाक्य – रचना। हिन्दी भाषा – प्रयोग के विविध रूप : बोली, मानक भाषा, राजभाषा, राष्ट्रभाषा और सम्पर्क भाषा। संचार माध्यम और हिन्दी, कम्पूटर और हिन्दी, हिन्दी की संवैधानिक स्थिति। देवानागरी लिपि : विशेषताएं और मानकीकरण।

इकाई –2

हिन्दी साहित्य का इतिहास

हिन्दी साहित्येतिहास दर्शन

हिन्दी साहित्य के इतिहास लेखन की पद्धतियां

हिन्दी साहित्य का कालविभाजन और नामकरण, आदिकाल की विशेषताएं एवं साहित्यिक प्रवृतियां, रासो-साहित्य, आदिकालीन हिन्दी का जैन साहित्य, सिद्ध और नाथ साहित्य, अमीर खुसरों की हिन्दी कविता, विद्यापति और उनकी पदावली तथा लौकिक साहित्य

भक्तिकाल

भक्ति-आंदोलन के उदय के सामाजिक-सांस्कृतिक कारण, भक्ति-आंदोलन का अखिल भारतीय स्वरुप और उसका अंतः: प्रादेशिक वैशिष्ट्य

भक्ति काव्य की सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, आलवार संतभक्ति काव्य के प्रमुख सम्प्रदाय और उनका वैचारिक आधारनिर्गुण-सगुण कवि और उनका काव्य

रीतिकाल

सामाजिक-सांस्कृतिक पृष्ठभूमि, रीतिकाल की प्रमुख प्रवृत्तियां (रीतिबद्ध, रीतिसिद्ध, रीतिमुक्त)

रीतिकवियों का आचार्यत्वा

रीतिकाव्य के प्रमुख कवि और उनका काव्य

आधुनिक काल

हिन्दी गद्य का उद्भव और विकासभारतेन्दु पूर्व हिन्दी गद्य, ।857 की क्रान्ति और सांस्कृतिक पुनर्जागरण, भारतेन्दु और उनका युग, पत्रकारिता का आरम्भ और 9वीं शताब्दी की हिन्दी पत्रकारिता, आधुनिकता की अवधारणा

द्विवेदी युग : महावीर प्रसाद द्विवेदी और उनका युग, हिन्दी नवजागरण और सरस्वती, राष्ट्रीय काव्य धारा के प्रमुख कवि, स्वच्छंदतावाद और उसके प्रमुख कवि

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छायावाद : छायावादी काव्य की प्रमुख विशेषताएं, छायावाद के प्रमुख कवि, प्रगतिवाद की अवधारणा, प्रगतिवादी काव्य और उसके प्रमुख कवि, प्रयोगवाद और नई कविता, नई कविता के कवि, समकालीन कविता (वर्ष 2000 तक) समकालीन साहित्यिक पत्रकारिता

हिन्दी साहित्य की गद्य विधाएं

भारतीय उपन्यास की अवधारणा

प्रेमचन्द पूर्व उपन्यास, प्रेमचंद और उनका युग

प्रेमचन्द के परवर्ती उपन्यासकार (वर्ष 2000 तक)।

हिन्दी कहानी : हिन्दी कहानी का उद्धव और विकास, 20वीं सदी की हिन्दी कहानी और प्रमुख कहानी आंदोलन और                      कहानीकार

हिन्दी नाटक : हिन्दी नाटक और रंगमंच, विकास के चरण, भारतेन्दुयुग, प्रसाद युग,प्रसादोत्तर युग,

                        स्वातंत्रयो्तर युग, साठो्तर युग और नया नाटक

                        प्रमुख नाट्यकृतियाँ, प्रमुख नाटककार (वर्ष 2000 तक)।

                        हिन्दी एकांकी। हिन्दी रंगमंच और विकास के चरण, हिन्दी का लोक रंगमंचनुक्कड़ नाटक

हिन्दी निबंध : हिन्दी निबन्ध का उद्धव और विकास, हिन्दी निबंध के प्रकार और प्रमुख निबंधकार

हिन्दी आलोचना- हिन्दी आलोचना का उद्धव और विकास। समकालीन हिन्दी आलोचना एवं उसके विविध प्रकार। प्रमुख आलोचक

हिन्दी की अन्य गद्य विधाएँ : रेखाचित्र, संस्मरण, यात्रा साहित्य, आत्मकथा, जीवनी और रिपोर्ताज, डायरी

हिन्दी का प्रवासी साहित्य : अवधारणा एवं प्रमुख साहित्यकार

इकाई 3

साहित्यशास्त्र

काव्य के लक्षण, काव्य हेतु और काव्य प्रयोजन

प्रमुख संप्रदाय और सिद्धान्त – रस, अलंकार, रीति, ध्वनि, वक्रोक्ति और औचित्य

रस निष्पक्ति, साधारणीकरण

शब्दशक्ति, काव्यगुण, काव्य दोष

प्लेटो के काव्य सिद्धान्त

अरस्तू : अनुकरण सिद्धान्त, त्रासदी विवेचन, विरेचन सिद्धान्त

बर्ड्सवर्थ का काव्यभाषा सिद्धान्त

टी.एस.इलिएट : निर्वैजक्तिकता का सिद्धान्त, परम्परा की अवधारणा

आई.ए.रिचर्ड्स : मूल्य सिद्धान्त, संप्रेषण सिद्धान्त तथा काव्य-भाषा सिद्धान्त

रूसी रुपवाद नयी समीक्षामिथक, फंतासी, कल्पना, प्रतीक, बिम्ब

इकाई –4

वैचारिक पृष्ठभूमि

भारतीय नवजागरण और स्वाधीनता आंदोलन की वैचारिक पृष्ठभूमि

हिन्दी नवजागरण खड़ीबोली आन्दोलनफोर्ट विलियम कॉलेज

भारतेन्दु और हिन्दी नवजागरण,

महावीर प्रसाद द्विवेदी और हिन्दी नवजागरण

गांधीवादी दर्शन

अम्बेडकर दर्शन

लोहिया दर्शन

मार्क्सवाद, मनोविश्लेषणवाद, अस्तित्ववाद, उत्तर आधुनिकतावाद, अस्मितामूलक विमर्श (दलित, स्त्री, आदिवासी एवं अल्पसंख्यक)

इकाई-5

हिन्दी कविता

पृथ्वीराज रासो – रेवा तट

अमीर खुसरो – खुसरो की पहेलियाँ और मुकरियाँ

विद्यापति की पदावली (संपादक – डॉ. नरेन्द्र झा) – पद संख्या  – 25

कबीर – (सं.- हजारी प्रसाद द्विवेदी) – पद संख्या – 460 – 209

जायसी ग्रंथावली – (सं. राम चन्द्र शुक्ल) – नागमती वियोग खण्ड

सूरदास – भ्रमरगीत सार – (सं.- राम चन्द्र शुक्ल) – पद संख्या 21 से 70

तुलसीदास – रामचरितमानस, उत्तर काण्ड

बिहारी सतसई – (सं.- जगन्नाथ दास रत्नाकर) – दोहा संख्या 4- 50

घनानन्द कवित्त – (सं.- विश्वनाथ मिश्र) – कवित्त संख्या | – 30

मीरा – (सं.- विश्वनाथ त्रिपाठी) – प्रारम्भ से 20 पद

अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध – प्रियप्रवास

मैथिलीशरण गुप्त – भारत भारती, साकेत (नवम्‌ सर्ग)

जयशंकर प्रसाद – आंसू, कामायनी (श्रद्धा, लज्जा, इड़ा)

निरालाजुही की कली, जागो फिर एक बार, सरोजस्मृति, राम की शक्तिपूजा, कुकरमुत्ता, बाँधो न नाव इस ठाँव बंधु।

सुमित्रानंदन पंतपरिवर्तन, प्रथम रश्मि

महादेवी वर्मा – बीन भी हूँ मैं तुम्हारी रागिनी भी हूँ, मै नीर भरी दुख की बदली, फिर विकल है प्राण मेरे, यह मन्दिर का दीप इसे नीरव जलने दो, द्वुत झरो जगत के जीर्ण पत्र

यह भी पढ़ें -  विभिन्न कविता आंदोलनों की अनिवार्यता और अवधारणात्मकता-ऋषिकेश सिंह

रामधारी सिंह दिनकरउर्वशी (तृतीय अंक), रश्मिरथी

नागार्जुनकालिदास, बादल को घिरते देखा है, अकाल और उसके बाद, खुरदरे पैर, शासन की बंदूक, मनुष्य हूँ।

सच्चिदानंद हीरानन्द वात्स्यायन अज्ञेयकलगी बाजरे की, यह दीप अकेला, हरी घास पर क्षण भर, असाध्यवीणा, कितनी नावों में कितनी बार

भवानीप्रसाद मिश्रगीत फरोश, सतपुड़ा के जगल

मुक्तिबोधभूल गलती, ब्रह्मराक्षस, अंधेरे में

धूमिलनक्सलवाड़ी, मोचीराम, अकाल दर्शन, रोटी और संसद

इकाई -6

हिन्दी उपन्यास

पं. गौरीदत्त – देवरानी जेठानी की कहानी

लाला श्रीनिवास दास – परीक्षा गुरू

प्रेमचन्द – गोदान

अज्ञेय – शेखर एक जीवनी (भाग – 4)

हजारी प्रसाद द्विवेदी – वाणभट्ट की आत्मकथा

फणीश्वर नाथ रेणु – मैला आंचल

यशपाल – झूठा सच

अमृत लाल नागर – मानस का हंस

भीष्म साहनी – तमस

श्रीलाल शुक्ल – राग दरवबारी

कृष्णा सोबती – जिन्दगी नामा

मन्नू भंडारी – आपका बंटी

जगदीश चन्द्र – धरती धन न अपना

इकाई -7

हिन्दी कहानी

राजेन्द्र बाला घोष (बंग महिला) – चन्द्रदेव से मेरी बातें, दुलाईवाली

माधवराव सप्रे – एक टोकरी भर मिट्टी

सुभद्रा कुमारी चौहान – राही

प्रेमचंद – ईदगाह, दुनिया का अनमोल रतन

राजा राधिकारमण प्रसाद सिंह – कानों में कंगना

चन्द्रधर शर्मा गुलेरी – उसने कहा था

जयशंकर प्रसाद – आकाशदीप

जैनेन्द्र – अपना-अपना भाग्य

फणीश्वरनाथ रेणु – तीसरी कसम, लाल पान की बेगम

अज्ञेय – गैंग्रीन

शेखर जोशी – कोसी का घटवार

भीष्म साहनी – अमृतसर आ गया है, चीफ की दावत

कृष्णा सोबती – सिक्का बदल गया

हरिशंकर परसाई – इस्पेक्टर मातादीन चांद पर

ज्ञानरंजन – पिता

कमलेश्वर – राजा निरबंसिया

निर्मल वर्मा – परिंदे

इकाई -8

हिन्दी नाटक

भारतेन्दु – अंधेर नगरी, भारत दुर्दशा

जयशंकर प्रसाद – चन्द्रगुप्त, स्कंदगुप्त, ध्रुवस्वामिनी

धर्मवीर भारती – अंधायुग

लक्ष्मीनारायण लाल – सिंदूर की होली

मोहन राकेश – आधे-अधूरे, आषाढ़ का एक दिन

हबीब तनवीर – आगरा बाज़ार

सर्वेश्वरदयाल सक्सेना – बकरी

शंकरशेष – एक और द्रोणाचार्य

उपेन्द्रनाथ अश्क – अंजो दीदी

मन्नू भंडारी – महाभोज

इकाई -9

हिन्दी निबंध

भारतेन्दु – दिल्ली दरबार दर्पण, भारतवर्षोन्नति कैसे हो सकती है

प्रताप नारायण मिश्र – शिवमूर्ति

बाल कृष्ण भट्ट – शिवशंभु के चिट्ठे

रामचन्द्र शुक्ल – कविता क्‍या है

हजारी प्रसाद द्विवेदी – नाखून क्‍यों बढ़ते हैं

विद्यानिवास मिथ – मेरे राम का मुकूट भीग रहा है

अध्यापक पूर्ण सिंह – मजदूरी और प्रेम

कुबेरनाथ राय – उत्तराफाल्गुनी के आस-पास

विवेकी राय – उठ जाग मुसाफिर

नामवर सिंह – संस्कृति और सौंदर्य

इकाई -10

आत्मकथा, जीवनी तथा अन्य गद्य विधाएं

रामवृक्ष बेनीपुरी – माटी की मूरतें

महादेवी वर्मा – ठकुरी बाबा

शिवरानी देवी – प्रेमचन्द घर में

मच्नू भंडारी – एक कहानी यह भी

विष्णु प्रभाकर – आवारा मसीहा

हरिवंशराय बच्चन – क्या भूलूँ क्या याद करूँ

रमणिका गुप्ता – आपहदरी

हरिशंकर परसाई – भोलाराम का जीव

कृष्ण चन्दर – जामुन का पेड़

दिनकर – संस्कृति के चार अध्याय

मुक्तिबोध – एक लेखक की डायरी

राहुल सांकृत्यायन – मेरी तिब्बत यात्रा

अज्ञेय – अरे यायावर रहेगा याद

पाठ्यक्रम से संबधित अन्य महत्वपूर्ण सामग्री

हिंदी साहित्य का आदिकाल- हजारी प्रसाद द्विवेदी, बिहार राष्ट्रभाषा परिषद, पटना

यह भी पढ़ें -  अंधेर नगरी- भारतेंदु हरिश्चंद्र

हिंदी साहित्य की भूमिका: हजारीप्रसाद द्विवेदी

हिंदी साहित्य का इतिहास, रामचन्द्र शुक्ल, नागरीप्रचारिणी सभा, वाराणासी

साहित्य का इतिहास दर्शन: नलिन विलोचन शर्मा

हिंदी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास: रामकुमार वर्मा

हिंदी साहित्य का अतीत (भाग 1, 2): विश्वनाथ प्रसाद मिश्र

हिंदी साहित्य का इतिहास: पूरनचंद टंडन, विनीता कुमारी

रीतिकाव्य की भूमिका- डॉ. नगेन्द्र, नेशनल पब्लिशिंग हाउस, दिल्ली

अप्रभ्रंश साहित्य: हरिवंश कोछड़

भाषा विज्ञान की भूमिका -देवेन्द्रनाथ शर्मा, राधाकृष्ण, दिल्ली

भाषा विज्ञान- भोलानाथ तिवारी, किताब महल, इलाहाबाद

सूरदास- भ्रमरगीत- संपादक रामचन्द्र शुक्ल,

जायसी- नागमती वियोग खंड

विद्यापति- विद्यापति की पदावली, संपा. रामवृक्ष बेनापुरी

पृथ्वीराज रासो (कयमास वध: कथासार), चंदरवरदायी

हिंदी साहित्य के इतिहास पर कुछ नोट्स: रसाल सिंह

पृथ्वीराज रासो: (सं) माता प्रसाद गुप्त

विद्यापति की पदावली: (सं) रामवृक्ष बेनीपुरी

जायसी-ग्रंथावली: रामचन्द्र शुक्ल (सं.)

भ्रमरगीतसार: रामचन्द्र शुक्ल (सं.)

विनय पत्रिका: (सं.) वियोगी हरि

गोस्वामी तुलसीदास: रामचंद्र शुक्ल

तुलसी आधुनिक वातायन से: रमेश कुंतल मेघ

लोकवादी तुलसीदास: विश्वनाथ त्रिपाठी

तुलसी काव्य-मीमांसा: उदयभानु सिंह

नाथ संप्रदाय: हजारीप्रसाद द्विवेदी

हिंदी के विकास मे अपभ्रंश का योग: नामवर सिंह

पृथ्वीराज रासो की भाषा: नामवर सिंह

प्राकृत-अपभ्रंश साहित्य और उसका हिंदी पर प्रभाव: राम सिंह तोमर

सिद्ध-साहित्य: धर्मवीर भारती

विद्यापति: शिव प्रसाद सिंह

गोरखनाथ और उनका युग: रांगेय राघव

गोस्वामी तुलसीदास: रामचंद्र शुक्ल

तुलसी आधुनिक वातायन से: रमेश कुंतल मेघ

लोकवादी तुलसीदास: विश्वनाथ त्रिपाठी

तुलसी काव्य-मीमांसा: उदयभानु सिंह

सूरदास: रामचन्द्र शुक्ल

सूर साहित्य: हजारी प्रसाद द्विवेदी

महाकवि सूरदास: नंद दुलारे वाजपेयी

सूर और उनका साहित्य: हरवंशलाल शर्मा

सूरदास: ब्रजेश्वर वर्मा

कबीर: हजारी प्रसाद द्विवेदी

कबीर की विचारधरा: गोविंद त्रिगुणायत

कबीर साहित्य की परख: परशुराम चतुर्वेदी

त्रिवेणी: रामचन्द्र शुक्ल

जायसी: विजयदेव नारायण साही

अनामिका: निराला (राम की शक्तिपूजा, सरोजस्मृति)

तारापथ: सुमित्रानंदन पंत (बादल, भावी पत्नी के प्रति, नौका विहार, अनामिका के कवि के प्रति, आः धरती कितना देती है)

दीपशिक्षा: महादेवी (पंथ होने दो अपरिचित, सब बुझे दीपक जला लूँ, जब यह दीप थके तब आना, यह मंदिर का दीप, जो न प्रिय पहचान पाती, मोम सा तन घुल चुका, सब आँखों के आँसू उजले, मैं पलकों में पाल रही हूँ, पूछता क्यों शेष कितनी रात, अलि मैं कण कण को जान चली)

जयशंकर प्रसाद – नंददुलारे वाजपेयी, भारती भंडार, इलाहाबाद

कामायनी – एक पुनर्विचार – मुक्तिबोध, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली

निराला की साहित्य साधना खंड 1, निराला की साहित्य साधना खंड – 2, निराला की साहित्य साधना खंड 3

महादेवी वर्मा: जगदीश गुप्त, नई दिल्ली, 1994
चिंतामणि (भाग एक): रामचंद्र शुक्ल (केवल छह निबंध – भाव या मनोविकार, करुणा, लोभ और प्रीति, कविता क्या है, लोकमंगल की साधनावस्था, रसात्मक बोध के विविध रूप)

अशोक के फूल: हजारी प्रसाद द्विवेदी (केवल छह निबंध – बसंत आ गया है, अशोक के फूल, भारतीय संस्कृति की देन, भारतवर्ष की सांस्कृतिक समस्या, साहित्यकार का दायित्व, मनुष्य ही साहित्य का लक्ष्य है)।

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