डॉग लवर
ओमप्रकाश भारतीय उर्फ़ पलटू जी शहर के सबसे बड़े उद्योगपति होने के साथ ही फ़ेमस डॉग लवर अर्थात् प्रसिद्ध कुत्ता प्रेमी भी थे। पलटू...
रँगरेज़ा की थापें
घर में जब से स्वच्छंद विचारधारा वाली बहू सभ्यता, ब्याहकर आई थी तब से घर की रंगत ऐसी बदली कि अपने भी अपनों को...
उड़ान में अभिनय
ऑफिस अब सब्जेक्ट टू मार्केट नहीं, सब्जेक्ट टू होम बन चुका था | कनिका की शिकायतें जब से कोरेंटीन हुईं तब से चाय के...
हिन्दी…..
एक लघुकथा......"हिन्दी"
एक विश्विद्यालय में पी.एच.डी. के छात्रों का एक सेमिनार था। विषय था- "हिन्दी में कहानी लिखने की कला"। देश के अलग-अलग राज्यों से...
हिंदी
एक लघुकथा......"हिन्दी"
एक विश्विद्यालय में पी.एच.डी. के छात्रों का एक सेमिनार था। विषय था- "हिन्दी में कहानी लिखने की कला"। देश के अलग-अलग राज्यों से...
[लघुकथा] “बोझ”: नाम-निधि “श्री”
लघुकथा-
"बोझ"
नर्स ने आकर बड़े ही व्यंगात्मक लहजे में कहा-"ज़बरदस्ती हुआ या तुम्हारी मर्ज़ी थी?"
इलाहाबाद के मोती लाल नेहरू हस्पताल का वार्ड नम्बर तीन.. वो...