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Vinay SamadhiyaOffline

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  • जीवन संगिनी

    इस कविता का आधार है एक ऐसा पति जिसकी पत्नी की अचानक से मृत्यु हो जाती है, तब उसके मन की जो संकल्पनाऐं जन्म लेती हैं उनका वर्णन किया है, ! सब सन्न हैं ,सब मौन हैं , स्तब्ध हैं...

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