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  • वसुंधरा वंदन: विश्वरुप साह 'परीक्षित'

    **वसुंधरा वंदन** तिरंगें में रंगा है जन, तन,मन और जीवन। कोटि-कोटि नमन तुम्हें, हे! वसुंधरा जग वंदन।। नील गगन कृति गाए, मधुर मलय ध्वजा लहराए। यश की गाथा गान सुनाए, गीत-राग में वन्दे मातरम। कोटि-कोटि नमन तुम्हें, हे! वसुंधरा जग वंदन।। हिमालय बन रक्षक प्रहरी, सागर निशदिन चरण पखारे। अविरल,कल-कल गंगा धारा, तुम्हारे...

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