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शिक्षा विमर्श

शेख अब्दुल्लाह और अलीगढ़ कन्या स्कूल

इस पेपर में शेख अब्दुल्लाह के मुस्लिम लड़कियों के लिए किये गये शैक्षिक कार्यों का उल्लेख किया जायेगा।

शिक्षा व्यवस्था व अध्यापक की भूमिका

अधिकांश लोग यह स्वीकारते है कि पढ़ाई-लिखाई को पटरी पर लाने के लिए यह जरूरी है कि स्कूलो में उचित संख्या में योग्य शिक्षको की नियुक्ति हो

हिंदी शिक्षण में रचनात्मकता : नवीन अनुप्रयोग

यह लेख भाषा सीखने की जरुरत स्थापित करने की बात से आरम्भ कर पढने – पढ़ाने के रचनात्मक तरीकों को रखता है |

प्राथमिक स्तर की शिक्षा व्यवस्था के परिप्रेक्ष्य में एक अध्ययन

वर्तमान प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था पर प्रकाश डाला गया है और उसके साथ ही प्राथमिक शिक्षा को कैसे गुणवत्तापूर्ण बनाया जाए जिससे कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को उचित शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके

भाषा उद्योग और हिन्दी- प्रो. संजीव दुबे

हिन्दी भाषा के शिक्षण की आधार सामग्री (पाठ्यक्रम) केवल साहित्य से ही क्यों चुनी जानी चाहिए?

औपचारिक शिक्षा व्यवस्था पर अनियोजित शहरीकरण का प्रभाव: विश्व और भारतीय परिदृश्य-अश्विनी

शिक्षा और अनुसंधान में निवेश ही दीर्घकालीन संवृद्धि एवं विकास की धुरी है। आज, जापान, पूर्वी एशिया के नव विकसित देशों एवं पश्चिमी देशों के विकास का आधार शिक्षा ही है। गौरतलब है कि शिक्षा पर होने वाले खर्च से सीधे तौर पर लाभान्वित व्यक्ति को ही लाभ नहीं मिलता

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2019: एक अवलोकन- डॉ. अजय कुमार सिंह

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नई शिक्षा नीति तैयार करने के लिये वर्ष 2015 में पूर्व कैबिनेट सचिव टी.एस.आर. सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में पाँच सदस्यीय समिति का गठन किया गया। समिति की ओर से तैयार नई शिक्षा नीति का मसौदा सरकार को सौंप दिया गया। इस नीति की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा के साथ कृषि शिक्षा, कानूनी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और तकनीकी शिक्षा जैसी व्यावसायिक शिक्षाओं को इसके दायरे में लाया गया है। यह नीति इन चार नींवों पर रखी गई है – उपलब्धता, समानता, गुणवत्ता, सुलभता और उत्तरदायित्व।

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