निश्चल प्रेम


उम्मीद रखना भी प्रेम का ही एक रूप है,
जिस दिन उम्मीद खत्म हो जायेगी
उस दिन प्रेम भी;
हाँ पर यदि उम्मीद प्रेम को सन्कीर्ण करने लगे,
तो भी प्रेम खत्म हो जाता है!
उम्मीद, अभिलाषा, इच्छा आदि
सब कुछ वीणा के तार के जैसे हैं;
बहुत कसना या ढीला छोड़ देना,
दोनो ही प्रेम रूपी संगीत को खत्म कर देते हैं !!

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